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कनेसट की कानूनी सलाहकार अफ़िक ने चेताया: मूल कानून—टोरा अध्ययन त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया से आगे बढ़ रहा है

कनेसट की कानूनी सलाहकार अफ़िक ने चेताया: मूल कानून—टोरा अध्ययन त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया से आगे बढ़ रहा है

कनेसट की कानूनी सलाहकार सागित अफ़िक ने औपचारिक चेतावनी जारी की कि प्रस्तावित मूल कानून: टोरा अध्ययन को प्रक्रियागत रूप से अनुचित माध्यमों से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सांसदों से कहा कि विधेयक सदन समिति के बजाय संविधान, कानून और न्याय समिति में जाना चाहिए। अफ़िक ने लिखा, ‘मेरे विचार में दबाव और काम का बोझ उचित विधायी प्रक्रिया को दरकिनार नहीं कर सकते,’ और चेताया कि ‘यह स्थानांतरण गंभीर कठिनाई पैदा करता है, जो विधायी प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा को कमजोर कर सकती है।’ इसके बावजूद सांसदों ने 48 के मुकाबले 35 मतों से विधेयक को गठबंधन व्हिप ओफ़िर काट्ज़ की अध्यक्षता वाली सदन समिति के अधीन रखने का फैसला किया और रिलिजियस ज़ायोनिज़्म के सांसद सिम्खा रोथमैन की अध्यक्षता वाली संविधान समिति को दरकिनार कर दिया। अफ़िक के हस्तक्षेप ने उस मूल कानून की प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है जिसे हरेदी गठबंधन सहयोगी जल्द पारित कराने का प्रयास कर रहे हैं; खबरों के अनुसार कनेसट अध्यक्ष अमीर ओहाना पर अफ़िक से अपना रुख बदलवाने का दबाव डालने को कहा गया है।

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