इज़राइल-लेबनान व्यवस्था पर औन-बेरी मतभेद गहरा हुआ

5 जुलाई को वॉशिंगटन की इज़राइल-लेबनान व्यवस्था के बाद का तनाव कम नहीं हुआ था और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ़ औन तथा संसद अध्यक्ष नबीह बेरी इस समझौते को लेकर आपस में संवाद नहीं कर रहे थे। दोनों ने फिर भी स्थिरता की दो दिशाएं दर्शाईं: नागरिक शांति बनाए रखना और अमल तथा हिज़बुल्लाह से जुड़े मंत्रियों समेत सरकार को काम करते रहने देना। अमेरिकी विदेश विभाग की विज्ञप्तियां पुष्टि करती हैं कि अमेरिका, इज़राइल और लेबनान ने शांति, लेबनानी संप्रभुता और हिज़बुल्लाह के निरस्त्रीकरण को आगे बढ़ाने के लिए 26 जून को इस व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए थे। औन ने समझौते का बचाव किया, जबकि बेरी, अमल और हिज़बुल्लाह ने इसका विरोध किया। इज़राइल के लिए यह विभाजन महत्वपूर्ण है क्योंकि हिज़बुल्लाह को नियंत्रित करने वाला संप्रभु लेबनान उत्तरी समुदायों को अधिक सुरक्षित बनाने का कूटनीतिक मार्ग है।