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नेसेट समिति ने लैंगिक-पृथक अकादमिक विधेयक अंतिम मतदान को भेजा

ערוץ 7

नेसेट शिक्षा समिति ने सांसद लिमोर सोन हार-मेलेख के छात्र अधिकार कानून संशोधन को द्वितीय और तृतीय वाचन के लिए मंजूर किया, जिससे लैंगिक-पृथक अकादमिक पाठ्यक्रम विधेयक अंतिम सदन मतदान की ओर बढ़ा। प्रस्ताव संस्थाओं को धार्मिक आधार पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग अध्ययन पाठ्यक्रम खोलने देगा, जिसका केंद्र उन्नत डिग्री पहुंच है; नए मसौदों में बहस हुई कि पृथक्करण केवल कक्षाओं में रहे या परिभाषित अलग संस्थानों में भी बढ़े। समर्थक इसे हरेदी और धार्मिक विद्यार्थियों, जिनमें observance से समझौता किए बिना उन्नत अध्ययन चाहने वाली महिलाएं शामिल हैं, के लिए स्वैच्छिक सुविधा बताते हैं; विरोधी तर्क देते हैं कि यह 2021 के उच्च न्यायालय संतुलन को दरकिनार करता और व्यापक परिसर पृथक्करण का खतरा बनाता है। इज़राइली कसौटी हर विद्यार्थी की शैक्षणिक गुणवत्ता, स्वैच्छिकता और गरिमा बचाते हुए टोरा-सम्मानित पहुंच बढ़ाना है।

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