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जीवित बचे लोगों का आरोप, दो जनरलों ने पोर्ट शुआइबा हमले की चेतावनियां अनदेखी कीं

Illustrative public-domain photograph of U.S. Army port operations at Port of Shuaiba, Kuwait

कुवैत के पोर्ट शुआइबा पर ईरान के 1 मार्च के ड्रोन हमले में जीवित बचे लोगों का आरोप है कि ब्रिगेडियर जनरल क्लिंट बार्न्स और मेजर जनरल जॉन हिंसन ने उस खुफिया तथा बल-सुरक्षा चेतावनी की अनदेखी की कि बंदरगाह संभावित लक्ष्य था। शाहेद ड्रोन के सामरिक अभियान केंद्र से टकराने के बाद हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए और 30 से अधिक घायल हुए। आर्मी सेंट्रल का कहना है कि स्थल परिचालन योजनाओं के तहत चुना गया था, उसे मजबूत बनाया गया और कई परतों वाली रक्षा से सुरक्षित किया गया तथा कमांडरों ने निकासी प्रयासों में सहायता की। सेना ने हमले की समीक्षाएं पूरी कर ली हैं, लेकिन एक जांच में फिलहाल किसी को दोषी नहीं ठहराया गया और निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

स्रोत

द्वितीयक स्रोत:12345

कुछ गड़बड़ हुई

हम वह कार्रवाई पूरी नहीं कर सके। अपना कनेक्शन जांचकर फिर कोशिश करें।