Jerusalem Post के संपादकीय ने भर्ती से बचने वालों पर रुख पलटने को लेकर नेतन्याहू को चुनौती दी

The Jerusalem Post के संपादकीय मंडल ने हारेदी भर्ती से बचने वालों की गिरफ्तारी रोकने वाले कानून पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कथित रुख पलटने को चुनौती देते हुए कहा कि चुनावी वादा उनके गठबंधन के जुलाई 14 के मतदान को नहीं मिटा सकता। उसने कहा कि नेतन्याहू ने हाल में बताया था कि अगली सरकार में कानून वापस नहीं आएगा और पढ़ाई न करने वाले भर्ती से बचने वालों को सेना में शामिल होना होगा या जेल का सामना करना पड़ेगा। संपादकीय ने तर्क दिया कि चुनाव दिवस से पहले किसी भी नए रुख को भर्ती लक्ष्यों, बाध्यकारी समयसीमा और संकीर्ण रूप से परिभाषित तोराह-अध्ययन छूट के साथ कानून में दर्ज किया जाना चाहिए। उसने यह भी कहा कि एकीकरण में धार्मिक जीवन का सम्मान और उपयुक्त सैन्य ढांचे उपलब्ध होने चाहिए।