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रोन आराद की तलाश का केंद्र ईरान से हटकर लेबनान हुआ, आईडीएफ़ के बंदी एवं लापता विभाग के पूर्व प्रमुख ने कहा

Courtroom-sketch editorial illustration of a bearded young man in a light patterned short-sleeved shirt seated facing forward, framed against a wall covered in dense handwritten script with a heavy draped curtain at the right edge, drawn in warm ochre and slate-blue chalk and pastel strokes with cross-hatching on sepia newsprint.

आईडीएफ़ के सैन्य ख़ुफ़िया निदेशालय में बंदी एवं लापता व्यक्ति विभाग के पूर्व प्रमुख आवी कालो ने गुरुवार को कहा कि वर्षों से चली आ रही यह धारणा कि रोन आराद ईरान में हैं, ग़लत साबित हो चुकी है। कालो ने कहा कि ख़ुफ़िया समुदाय वर्षों तक यह मानता रहा कि आराद को ईरान में रखा गया था, जबकि इस मामले का केंद्र-बिंदु फ़िलहाल लेबनान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में कुछ घटनाक्रम हुए हैं और उन सब पर बात नहीं की जा सकती, क्योंकि सैन्य सेंसरशिप की पाबंदियों के चलते कुछ ब्योरे रोके गए हैं। कालो ने इस पहेली को सीरिया, लेबनान और ईरान के बीच के इलाक़े में रखा और कहा कि दशकों तक ईरान पर ध्यान दिया गया जबकि केंद्र लेबनानी है।

स्रोत

द्वितीयक स्रोत:12

कुछ गड़बड़ हुई

हम वह कार्रवाई पूरी नहीं कर सके। अपना कनेक्शन जांचकर फिर कोशिश करें।