आईडीएफ़ ने उत्तरी कमान की खुफ़िया भूमिकाओं के लिए हरेदी सैनिक भर्ती किए

आईडीएफ़ ने रेशित होखमा कार्यक्रम के तहत उत्तरी कमान और डिवीजन 146 में खुफ़िया शोधकर्ता के रूप में सेवा देने के लिए मालोत त्ज़ूर गैर-लाभकारी संस्था के हरेदी सैनिकों की भर्ती की। अनुकूलित बुनियादी प्रशिक्षण के बाद उन्हें सूचनाओं के विश्लेषण और अभियान संबंधी निर्णयों के लिए आकलन तैयार करने पर केंद्रित पेशेवर खुफ़िया प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सेवा मार्ग में नागरिक पेशे की तैयारी के लिए कॉलेज की पढ़ाई भी शामिल है। आईडीएफ़ ने सैनिकों की धार्मिक आवश्यकताओं के लिए एक समर्पित परिसर बनाया, जहां डिवीजन 146 के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल बेनी अहरोन ने पिछले सप्ताह मेज़ुज़ा लगाने की रस्म का नेतृत्व किया और उनके गहन तोरा अध्ययन तथा बारीकियों पर ध्यान को खुफ़िया कार्य की खूबियां बताया।
