परिवार का कहना है कि रूसी-इज़राइली इतिहासकार जासूसी के संदेह में हिरासत में हैं

परिवार के प्रतिनिधियों का कहना है कि रूसी-इज़राइली इतिहासकार आर्त्योम किरपिचेनोक को जासूसी और एक विदेशी खुफ़िया एजेंट से संपर्क के संदेह में हिरासत में रखा गया है, हालाँकि इज़राइली अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। 51 वर्षीय किरपिचेनोक को 2 अगस्त को येरेवान से आने के बाद शिन बेट ने बेन-गुरियन हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया था और वह अब भी हिरासत में हैं। उनके परिवार का कहना है कि संदिग्ध संपर्क न तो लेबनानी था और न ईरानी, जबकि संबंधित देश और सटीक आरोप अज्ञात हैं। रूस की राष्ट्रपति मानवाधिकार परिषद ने संयुक्त राष्ट्र से हिरासत के आधार का खुलासा करने और कानूनी व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।