दक्षिण कोरियाई अपीलीय अदालत ने यून सुक योल को झूठी गवाही के मामले में बरी रखने का फैसला कायम रखा

सियोल हाई कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को झूठी गवाही के उस आरोप से बरी करने का फैसला कायम रखा, जो पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू के विद्रोह मुकदमे में उनकी गवाही से जुड़ा था। आरोप था कि यून ने झूठी गवाही दी कि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ घोषित करने से पहले उनका कैबिनेट बैठक बुलाने का इरादा था, जबकि यह बात हान के मुद्दा उठाने से भी पहले की बताई गई थी। अभियोजकों ने 10 मिलियन वॉन के जुर्माने की मांग करते हुए दलील दी कि यून ने पहले छह मंत्रियों को बुलाया और हान के कोरम का उल्लेख करने के बाद ही छह अन्य को फोन किया। अपीलीय अदालत ने कहा कि आरोप उचित संदेह से परे साबित नहीं हुआ और यह संभव माना कि यून का स्वतंत्र रूप से अतिरिक्त मंत्रियों को बुलाने का इरादा था।