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अटॉर्नी जनरल ने कहा, कैबिनेट का न्यायालय संबंधी निर्णय विधि-शासन को कमजोर करता है

अटॉर्नी जनरल ने कहा, कैबिनेट का न्यायालय संबंधी निर्णय विधि-शासन को कमजोर करता है

रात 9:05 IDT पर अटॉर्नी जनरल गली बहराव-मिआरा ने कैबिनेट की उस घोषणा पर प्रतिक्रिया दी कि उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद वह द्वितीय प्राधिकरण परिषद के फैसलों को मान्यता नहीं देगा। उन्होंने इस कदम को न्यायिक निर्णय विफल करने और उन्हें लागू करने या उन पर निर्भर किसी भी व्यक्ति को डराने का एक और गंभीर प्रयास बताया तथा कहा कि यह विधि-शासन के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है। टाइम्स ऑफ इज़राइल ने रात 9:29 पर यही सूचना दी, जबकि हारेत्ज़ ने रिपोर्ट किया कि उन्होंने उच्च न्यायालय को यह रुख सौंपा। इज़राइल को निर्वाचित सरकार की जवाबदेही और स्थिर मीडिया विनियमन चाहिए, लेकिन संवैधानिक विवाद वैध माध्यमों के भीतर रहने चाहिए ताकि जनविश्वास और युद्धकालीन वैधता को क्षति न पहुंचे।

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हम वह कार्रवाई पूरी नहीं कर सके। अपना कनेक्शन जांचकर फिर कोशिश करें।