आईडीएफ ने पाया कि रोतेम बटालियन के शब्बात अभ्यास की कोई अभियानगत आवश्यकता नहीं थी

आईडीएफ ने निष्कर्ष निकाला कि गिवाती ब्रिगेड की रोतेम बटालियन द्वारा गाज़ा में शब्बात, 8 अगस्त को किया गया कंपनी-स्तरीय चिकित्सा अभ्यास अभियानगत रूप से आवश्यक नहीं था और इसकी जानकारी ब्रिगेड के रब्बी को नहीं दी गई थी। अभ्यास में घायलों को निकालने का अनुकरण और नस में दवा देने के लिए लाइन लगाना शामिल था। सेना ने कहा कि इसे मंज़ूरी देने से सैनिकों की जीवन-पद्धति प्रभावित हुई, कमांडरों ने समीक्षा कर उससे मिले सबक लागू किए और कंपनी कमांडर को गिवाती ब्रिगेड कमांडर के समक्ष स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया। यह निष्कर्ष हलाखा और सैन्य आदेशों के पालन को लेकर हेस्डर सैनिकों की शिकायतों के बाद आया।