पुलिस में रोकी गई नियुक्ति को लेकर बेन ग्विर के खिलाफ चौथी प्रशासनिक याचिका दायर
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मुख्य अधीक्षक यित्ज़ाक (इत्ज़िक) अल्फासी ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर के खिलाफ यरूशलम की जिला अदालत में प्रशासनिक याचिका दायर की; मंत्री ने जांच एवं खुफिया प्रभाग तथा लाहव 433 के प्रवक्ता पद पर उनकी नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। अल्फासी ने पुलिस महानिदेशक दानी लेवी और वरिष्ठ कमान अधिकारियों के समर्थन के साथ चयन प्रक्रिया में जीत हासिल की थी, और याचिका के अनुसार कोई लिखित कारण नहीं दिया गया। याचिका में कहा गया है कि परिस्थितियां यह गंभीर आशंका पैदा करती हैं कि यह निर्णय ऐसे अप्रासंगिक विचारों पर आधारित था जो पुलिस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाते हैं। याचिका में बेन ग्विर के वे शब्द उद्धृत किए गए हैं जिनमें उन्होंने पुलिस प्रवक्ताओं से कहा था कि वे राजनीतिक विचार व्यक्त नहीं कर सकते और यह कि वे सब कुछ सुनते हैं। रोकी गई पदोन्नति को लेकर किसी अधिकारी द्वारा दायर की गई यह ऐसी चौथी याचिका है।
स्रोत
रिपोर्टिंग में अंतर
स्रोत दो बिंदुओं पर तथ्यात्मक रूप से असहमत हैं: Walla याचिका को प्रशासनिक याचिका के रूप में यरूशलम की जिला अदालत में बताता है, जबकि i24NEWS और Ynet का शीर्षक इसे उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका बताते हैं और Maariv किसी अदालत का नाम नहीं देता; तथा i24NEWS के अनुसार बेन ग्विर ने कहा कि नियुक्ति रद्द करने का फैसला पुलिस महानिदेशक दानी लेवी के साथ पूरी तरह समन्वय में लिया गया था, जबकि i24NEWS द्वारा प्रकाशित आधिकारिक साक्षात्कार-सारांश दस्तावेज़ और स्वयं लेवी कहते हैं कि मंजूरी अकेले मंत्री ने रोकी। शेष तथ्य एक समान हैं: अल्फासी की पहचान और उनकी रैंक, जांच एवं खुफिया प्रभाग तथा लाहव 433 का रोका गया प्रवक्ता पद, महानिदेशक और वरिष्ठ कमान अधिकारियों की सिफारिश, लिखित कारणों का अभाव, और 19 अगस्त को याचिका दायर किया जाना।
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