जापान के रक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा नीति में बदलाव के लिए ईरान युद्ध का पहला विश्लेषण जारी किया
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जापान के रक्षा मंत्रालय ने ईरान युद्ध का अपना पहला विश्लेषण सार्वजनिक किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बड़े पैमाने पर ड्रोन के इस्तेमाल तथा साइबर अभियानों को ‘युद्ध का नया तरीका’ बताया। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी बलों ने लक्ष्य और हमले के तरीकों के चयन में तेजी लाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया, जबकि ईरान ने बड़ी संख्या में ड्रोन और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावहारिक रूप से बंद करके अपनी भौगोलिक स्थिति का असममित ढंग से लाभ उठाया। मंत्रालय के अनुसार जापान को कम लागत वाले ड्रोन-रोधी उपाय विकसित करने, एआई को तेजी से अपनाने और अपनी द्वीपीय भौगोलिक स्थिति का रक्षा के लिए इस्तेमाल करने की जरूरत है। ये निष्कर्ष वर्ष के अंत तक होने वाले जापान के तीन प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेजों के संशोधन में उपयोग किए जाएंगे।
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