सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर कैदियों के उपचार पर प्रतिबंध लागू करने की मांग ठुकराई
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को ट्रंप प्रशासन का वह आपात अनुरोध खारिज कर दिया, जिसमें संघीय जेलों में ट्रांसजेंडर कैदियों के उपचार पर प्रतिबंध रोकने वाले निषेधाज्ञा आदेश को निलंबित करने की मांग की गई थी। इस आदेश से मुकदमे की कार्यवाही जारी रहने के दौरान निचली अदालत की ओर से दी गई सुरक्षा बरकरार रहेगी और मामले के गुण-दोष पर फैसला नहीं होता। कैदियों के वकीलों के अनुसार, संघीय कारागार ब्यूरो की चुनौती दी गई नीति जेंडर डिस्फोरिया के लिए हार्मोन उपचार और सामाजिक समायोजन पर रोक लगाती है। वॉशिंगटन में एक संघीय न्यायाधीश ने 17 जून को प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की थी और अपीलीय अदालत ने उसे निलंबित करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कोई कारण नहीं बताया; न्यायाधीश क्लेरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो प्रशासन का अनुरोध स्वीकार करने के पक्ष में थे।
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