संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अमेरिकी प्रतिबंध समाप्त करने की क्यूबा की मांग पर चर्चा की
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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को न्यूयॉर्क में एक पूर्ण बैठक में क्यूबा के विरुद्ध संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंध पर चर्चा की। महासभा के इक्यासीवें सत्र की इस बैठक में क्यूबा के मसौदा प्रस्ताव के साथ इस मुद्दे पर पिछले प्रस्ताव के कार्यान्वयन संबंधी महासचिव की रिपोर्ट भी सूचीबद्ध थी। 5 अक्टूबर को वितरित क्यूबा का मसौदा इन उपायों को लागू करने वाले देशों से आग्रह करता है कि वे “इन्हें जल्द से जल्द निरस्त या अमान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं”। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत दायित्वों, जिनमें व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता शामिल है, का उल्लेख करते हुए देशों से ऐसे कानून और उपाय लागू करने या लाने से बचने को भी कहता है। ये प्रस्तावित पाठ में किए गए अनुरोध हैं, कोई स्वीकृत निर्णय नहीं। प्रस्ताव में विशेष रूप से 12 मार्च 1996 के हेल्म्स-बर्टन अधिनियम का नाम है और अन्य देशों, संस्थाओं और व्यक्तियों पर ऐसे उपायों के सीमापार प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। इसमें 24 नवंबर 1992 से लेकर 29 अक्टूबर 2025 को स्वीकृत सबसे हालिया प्रस्ताव तक प्रतिबंध पर महासभा के प्रस्तावों का उल्लेख है। 20 जुलाई 2026 की महासचिव की रिपोर्ट में उस पिछले प्रस्ताव के कार्यान्वयन के बारे में सरकारों, संयुक्त राष्ट्र के निकायों और एजेंसियों तथा आमंत्रित पर्यवेक्षक संस्थाओं के उत्तर दिए गए हैं। क्यूबा का मसौदा महासभा के बयासीवें सत्र के लिए कार्यान्वयन पर एक और रिपोर्ट मांगता है और उस सत्र की अस्थायी कार्यसूची में प्रतिबंध का मुद्दा बनाए रखने का प्रस्ताव करता है।
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