इज़राइल में पहली बार आक्रामक अफ्रीकी बड़े सिर वाली चींटी की पुष्टि
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पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने 29 अक्टूबर को घोषणा की कि अफ्रीकी बड़े सिर वाली चींटी, फाइडोल मेगासेफाला, की इज़राइल में पहली बार पहचान हुई है। निवासियों की सूचनाओं के आधार पर हाइफ़ा के नेवे शआनान इलाके में, खासकर गिवात हशवशेवेत और आसपास की सड़कों पर, इसका पता चला। हदार इलाके में चींटियां देखे जाने की सूचनाओं की अभी जांच की जा रही है। मंत्रालय ने इस प्रजाति को दुनिया की 100 सबसे हानिकारक आक्रामक प्रजातियों में से एक बताया है। उसके अनुसार, यह चींटी मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं है, लेकिन पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है, स्थानीय प्रजातियों को विस्थापित कर सकती है और कृषि को हानि पहुंचा सकती है। मूल रूप से अफ्रीका की यह प्रजाति संक्रमित गमलों, पौधों, मिट्टी या बगीचे के कचरे को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने पर फैल सकती है। हाइफ़ा नगरपालिका ने प्रभावित क्षेत्रों में चार कीटनाशक उत्पादों का परीक्षण शुरू किया है। मंत्रालय और तेल अवीव विश्वविद्यालय इस प्रयास में शामिल हैं। मंत्रालय के हानिकारक जीवों और उनके नियंत्रण विभाग के प्रमुख डॉ. शाय राइखर ने इस प्रजाति के स्थायी रूप से बसने और आगे फैलने से पहले त्वरित, व्यवस्थित और पेशेवर हस्तक्षेप की मांग की। संक्रमण के अन्य स्थानों का पता लगाने के लिए निगरानी जारी है। भूरे रंग की ये चींटियां लगभग 2–3 मिलीमीटर लंबी होती हैं। इनकी बस्तियों में छोटे आकार की श्रमिक चींटियों के साथ असामान्य रूप से बड़े सिर वाली श्रमिक चींटियां भी होती हैं, जो अक्सर घनी कतारों में चलती हैं। हालांकि, निश्चित पहचान के लिए विशेषज्ञ जांच जरूरी है। मंत्रालय निवासियों से संदिग्ध चींटियां दिखने पर उनकी तस्वीरें और सटीक स्थान Pestcontrol@sviva.gov.il पर भेजने तथा संभावित रूप से संक्रमित मिट्टी, गमलों और बगीचे के कचरे को अन्य स्थानों पर न ले जाने का अनुरोध कर रहा है।
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