तुर्पाज़ ने रिज़र्व सैनिक एहुद एफ़राती की मृत्यु के 19 वर्ष पूरे होने पर उन्हें याद किया
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मोशे तुर्पाज़ ने कहा कि वे शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ज़िख़रोन याकोव के सैन्य कब्रिस्तान में रिज़र्व सैनिक एहुद एफ़राती की स्मृति में आयोजित सभा में शामिल हुए। यह सभा दक्षिणी गाज़ा में युद्ध में एफ़राती के शहीद होने के 19 वर्ष पूरे होने पर हुई। तुर्पाज़ के विवरण के अनुसार, रिश्तेदार और मित्र उन्हें याद करने के लिए एकत्र हुए। अपने बयान में तुर्पाज़ ने एफ़राती को परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति, किसान और पैराट्रूपर्स की टोही इकाई के सदस्य के रूप में याद किया। उन्होंने बताया कि एफ़राती नेगेव मशीनगन लेकर अपनी टीम के आगे चलते थे। चुनाव के बाद हुए इस स्मरण आयोजन पर विचार करते हुए तुर्पाज़ ने लिखा: “चुनाव के बाद चीज़ों को सही परिप्रेक्ष्य में देखने के लिए मुझे एहुद एफ़राती की स्मृति सभा की ज़रूरत नहीं थी।” रक्षा मंत्रालय के यिज़कोर अभिलेख के अनुसार, एफ़राती का जन्म 3 फ़रवरी 1973 को ज़िख़रोन याकोव में नीरा और अविशाई के घर हुआ था। वे अगस्त 1991 में सेना में भर्ती हुए और शुरू में शायेटेट 13 में सेवा की। स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण गोताखोरी न कर पाने पर वे पैराट्रूपर्स की टोही इकाई में चले गए। नियमित सैन्य सेवा के बाद उन्होंने हिब्रू विश्वविद्यालय के रेहोवोत संकाय में कृषि की पढ़ाई की, पौध संरक्षण में विशेषज्ञता हासिल की और परिवार के खेत पर कृषि विशेषज्ञ के रूप में काम किया। अक्टूबर 2007 में एफ़राती को गाज़ा में रिज़र्व ड्यूटी के लिए बुलाया गया था। उसी वर्ष 29 अक्टूबर को 34 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हुई और उन्हें ज़िख़रोन याकोव के कब्रिस्तान के सैन्य खंड में दफ़नाया गया। उनके परिवार में पत्नी मिरी, दो बेटे और एक बेटी रह गए।
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