सुरक्षा ज़रूरतों के आधार पर 2027 में रिज़र्व सेवा के दिनों में 30–40% कमी की इज़राइली सेना को उम्मीद: रिपोर्ट
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1 नवंबर को सामने आए एक नए सैन्य आकलन के अनुसार, इज़राइली रक्षा बलों को उम्मीद है कि 2027 में रिज़र्व सेवा के दिनों में 2026 की तुलना में लगभग 30–40% की कमी आएगी। यह अनुमान सुरक्षा स्थिति में होने वाले बदलावों और अपनी गतिविधियां घटाने की सेना की क्षमता पर निर्भर है। यह योजना बनाने के लिए शर्तों पर आधारित आकलन है, रिज़र्व सैनिकों की सेवा पर किसी सीमा की गारंटी नहीं। आकलन में दिसंबर, जनवरी और फरवरी के दौरान नियोजित प्रशिक्षण तथा परिचालन ड्यूटी में भी लगभग 30% कमी की संभावना जताई गई है। सेवा संबंधी इन अनुमानों के साथ ही शैक्षणिक रियायतों की पात्रता की सीमाएं भी बदली गई हैं, ताकि अगले साल रिज़र्व सेवा के दिन घटने से छात्र रिज़र्व सैनिक स्वतः सहायता से वंचित न हो जाएं। यह सहायता रूपरेखा की शर्तों के अधीन रहेगी। इज़राइली रक्षा बलों ने अलग से 1 नवंबर को 2026–27 की शैक्षणिक रियायतों की रूपरेखा प्रकाशित की और इसे युद्ध के दौरान इस तरह की चौथी रूपरेखा बताया। व्यवस्थाओं में विभिन्न शैक्षणिक विषयों में वैकल्पिक मूल्यांकन विधियों का विस्तार किया गया है और उन छात्रों के लिए सहायता जारी रखी गई है जिनकी सैन्य सेवा के कारण डिग्री पूरी होने में देरी हुई। सेना और शैक्षणिक संस्थानों ने सहमति जताई कि इन रियायतों के साथ पूरी की गई डिग्रियों को समान शैक्षणिक मान्यता मिलेगी। रूपरेखा में उन स्नातकोत्तर छात्रों के लिए व्यक्तिगत व्यवस्थाएं भी हैं जिनका शोध सेवा के कारण बाधित हुआ। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के आवेदक पास या फेल वाली द्विआधारी ग्रेडिंग में मिले पास ग्रेड के पीछे का संख्यात्मक अंक बता सकेंगे, जबकि उनकी स्नातक डिग्री का औसत नहीं बदलेगा। कार्मिक निदेशालय के प्रमुख मेजर जनरल दादो बार खलीफा ने इन व्यवस्थाओं को पढ़ाई कर रहे सैन्य कर्मियों के प्रति निष्पक्षता का विषय बताया। भाग लेने वाले संस्थान शैक्षणिक वर्ष के दौरान आने वाली समस्याओं पर नज़र रखेंगे, जबकि रिज़र्व ड्यूटी में अनुमानित कमी सुरक्षा ज़रूरतों पर निर्भर रहेगी।
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