ट्रंप का कहना है कि उन्होंने और नेतन्याहू ने साल के अंत तक इज़राइल को सालाना अमेरिकी सहायता बंद करने पर सहमति जताई
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने 2026 के अंत तक इज़राइल को मिलने वाली सालाना अमेरिकी सहायता बंद करने पर सहमति जताई है। एक टेलीविज़न साक्षात्कार में ट्रंप ने इसे महीनों पहले हुआ समझौता बताया, न कि मंगलवार को बातचीत से लिया गया फ़ैसला। उन्होंने सालाना सहायता की राशि लगभग $4 अरब बताई। ट्रंप ने कहा कि इज़राइल ने यह बदलाव स्वीकार किया है और उसे एक सफल देश बताया जिसे अब इस सालाना धन की ज़रूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि इज़राइल को ज़रूरत पड़ने पर अमेरिकी मदद उपलब्ध रहेगी। ट्रंप ने कहा, “इज़राइल को ज़रूरत होगी तो हम उसकी मदद करेंगे।” उन्होंने इज़राइल और अमेरिका को घनिष्ठ सहयोगी भी बताया। मौजूदा सहायता व्यवस्था का आधार इससे अलग और अधिक सटीक है। अमेरिकी विदेश विभाग की 2022 में प्रकाशित तथ्य-पत्रिका में 2016 में हस्ताक्षरित दस वर्षीय, $38 अरब के समझौता ज्ञापन का विवरण है। इसके तहत सालाना सहायता में विदेशी सैन्य वित्तपोषण के लिए $3.3 अरब और संयुक्त मिसाइल रक्षा कार्यक्रमों के लिए $500 मिलियन शामिल हैं, जो कुल $3.8 अरब हैं। दस्तावेज़ में दर्ज ये मदें ट्रंप की बताई गई अनुमानित सालाना राशि की पृष्ठभूमि स्पष्ट करती हैं। इसी तथ्य-पत्रिका में सालाना सहायता से आगे बढ़कर सुरक्षा सहयोग का भी विवरण है, जिसमें संयुक्त अभ्यास, अनुसंधान और हथियार विकास शामिल हैं। ट्रंप की बताई समय-सीमा के अनुसार सालाना धनराशि इस वर्ष के अंत तक बंद होगी, जबकि साथ में दिया गया उनका आश्वासन ज़रूरत पड़ने पर अमेरिकी मदद जारी रहने की बात कहता है।


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