आईडीएफ और शिन बेत ने ओमेर शेम तोव को बंधक रखने वाले हमास कमांडर के मारे जाने का खुलासा किया
आईडीएफ और शिन बेत ने 4 नवंबर को खुलासा किया कि रविवार, 1 नवंबर को ग़ज़ा शहर में इज़राइली हवाई हमले में जमाल अबू सईद मारा गया था। उसकी पहचान हमास के सैन्य ख़ुफ़िया तंत्र में अभियान प्रमुख के रूप में की गई। संयुक्त घोषणा के अनुसार, उसने युद्ध के दौरान इज़राइली बंधक ओमेर शेम तोव को क़ैद में रखा था। हमले के तीन दिन बाद जारी घोषणा में उसकी ज़िम्मेदारियों और बंधक से उसके संबंध का विवरण दिया गया। दोनों एजेंसियों के अनुसार, अबू सईद पहले ग़ज़ा पट्टी के बाहर हमास के सदस्यों के प्रशिक्षण की निगरानी करता था और एक टैंक-रोधी बटालियन की कमान संभालता था। वह हमास की सेंट्रल ब्रिगेड में सैन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों का प्रभारी भी रह चुका था। एजेंसियों ने उसे संगठन से जुड़ी जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बताया और कहा कि वह विभिन्न देशों के साथ हमास के संबंधों का प्रबंधन करता था। उन देशों के नाम नहीं बताए गए। संयुक्त घोषणा में कहा गया कि अबू सईद ने “ओमेर शेम तोव को हमास की क़ैद में रखा था।” एजेंसियों ने उस पर पूरे युद्ध के दौरान, विशेष रूप से हाल में, इज़राइली सैनिकों और नागरिकों के विरुद्ध आतंकवादी साज़िशों को आगे बढ़ाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, वह संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए हमास की क्षमताओं को दोबारा विकसित करने में जुटा था। आईडीएफ ने कहा कि नागरिकों को नुक़सान पहुँचने का जोखिम घटाने के लिए हमले से पहले किए गए उपायों में सटीक निशाने वाले हथियारों का इस्तेमाल और हवाई निगरानी शामिल थे। सुरक्षा बलों ने कहा कि वे समझौते के अनुसार तैनात हैं और ख़तरों को दूर करने के लिए कार्रवाई जारी रखेंगे।

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