डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी के हार स्वीकार करने के बाद इज़राइल समर्थक लालोटा फिर चुने गए
रिपब्लिकन सांसद निक लालोटा ने न्यूयॉर्क के कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र संख्या 1 में फिर से चुनाव जीत लिया है। डेमोक्रेटिक चुनौतीकर्ता क्रिस गैलेंट ने बुधवार, 4 नवंबर को हार स्वीकार कर ली। गैलेंट ने कहा कि उन्होंने उसी दिन पहले लालोटा से बातचीत कर उन्हें बधाई दी थी। लालोटा ने मंगलवार रात जीत की घोषणा की थी। मतगणना जारी रहने के दौरान गैलेंट ने शुरू में हार स्वीकार नहीं की थी। बुधवार के बयान में उन्होंने कहा: “कल रात प्रथम निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं ने अपना निर्णय लिया और मैं उसका पूरा सम्मान करता हूँ।” उन्होंने समर्थकों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह दमकलकर्मी, पायलट और पड़ोसी के रूप में अपने समुदाय की सेवा जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रचार अभियान के दौरान लोगों ने उनके सामने किराए, संपत्ति कर, माता-पिता के स्वास्थ्य उपचार और लॉन्ग आइलैंड में जीवनयापन का खर्च उठाने में युवाओं की कठिनाइयों को लेकर चिंता जताई थी। बुधवार तड़के 1:18 बजे प्रकाशित अनौपचारिक नतीजों में लालोटा को 152,546 मत, यानी 51.09%, और गैलेंट को 145,869 मत, यानी 48.85%, मिले थे। इन आँकड़ों में 561 में से 560 मतदान क्षेत्रों की गिनती शामिल थी, जबकि अनुपस्थित मतदाताओं के मतपत्रों की गिनती बाकी थी। गैलेंट ने मौजूदा रिपब्लिकन सांसद को चुनौती देने से पहले जून में लूकस वेंटूरस के विरुद्ध डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव जीता था। लालोटा ने सार्वजनिक रूप से इज़राइल के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन किया है। 24 जुलाई 2024 को कांग्रेस में बिन्यामिन नेतन्याहू के संबोधन के बाद जारी बयान में उन्होंने इज़राइल के अस्तित्व और आत्मरक्षा के प्रति समर्थन दोहराया था। यह बयान इस चुनाव से पहले का है और दोबारा चुने गए सांसद के इज़राइल संबंधी रुख की पृष्ठभूमि देता है।

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