तेल अवीव एआई सम्मेलन में स्वायत्त सॉफ़्टवेयर पर चर्चा के लिए करीब 1,200 डेवलपर जुटे
आयोजक गीकटाइम के संपन्न आयोजन के विवरण के अनुसार, बुधवार, 4 नवंबर को तेल अवीव विश्वविद्यालय में हुए इवॉल्व टू एआई सम्मेलन में करीब 1,200 डेवलपर शामिल हुए। विश्वविद्यालय के स्मोलार्ज़ सभागार में आयोजित सम्मेलन में इस बात पर विचार किया गया कि स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता एजेंट सॉफ़्टवेयर विकास को कैसे बदल रहे हैं और उनके काम के लिए किन नियंत्रणों की आवश्यकता है। कार्यक्रम में अपविंड, कॉग्निशन, गूगल क्लाउड, रेड हैट और इंटुइट जैसी कंपनियों के इंजीनियर और शोधकर्ता शामिल हुए। कॉग्निशन के इंजीनियर गिलाद सैमुअल्स ने डेविन के साथ एजेंट-आधारित इंजीनियरिंग कार्यप्रवाह बनाने का अपना अनुभव बताया। उनके एक कथन का अनुवाद था, “मैं केवल अपने फ़ोन से काम करता हूँ।” अन्य प्रस्तुतियों में इस पर चर्चा हुई कि टीमें एजेंटों के बीच समन्वय कैसे करती हैं और कैसे तय करती हैं कि किन कामों के लिए अब भी मानवीय निर्णय या स्वीकृति आवश्यक है। कोडिंग के साथ सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे पर भी चर्चा हुई। अपविंड के मोशे हसन ने एक स्वायत्त रक्षात्मक एजेंट प्रस्तुत किया, जबकि गूगल क्लाउड के ओर ब्रुकमैन ने अविश्वसनीय सामग्री, संवेदनशील जानकारी और बाहर भेजे जाने वाले संचार तक एजेंटों की पहुँच नियंत्रित करने पर बात की। रेड हैट के इंजीनियर युवाल लुरिया ने न्यूरल नेविगेटर प्रस्तुत किया। उन्होंने ऐसे बुनियादी ढाँचे का वर्णन किया जो स्वाभाविक भाषा में व्यक्त ज़रूरतों को तकनीकी आवश्यकताओं में बदलता है और सटीकता, लागत तथा विलंब के आधार पर मॉडलों और हार्डवेयर की तुलना करता है। ये क्षमताएँ प्रस्तुतियों में बताई गई थीं। बाद के सत्रों में सॉफ़्टवेयर तैयार हो जाने के बाद बचने वाले काम पर विचार किया गया। ब्रैंडलाइट के अवीव ज़ाकेन ने लोगों, मानवीय जाँच के चरणों और एजेंटों के बीच ज़िम्मेदारी बाँटने पर चर्चा की। माइश साइडेल-कीसिंग ने एजेंटों से तैयार कोड के रखरखाव की माँगों और उससे जुड़े तकनीकी ऋण पर बात करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इनमें निगरानी, परीक्षण और त्रुटियाँ ढूँढ़कर सुधारना शामिल था। आयोजक ने सम्मेलन समाप्त होने के बाद बुधवार दोपहर उसका विवरण प्रकाशित किया।

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