यूएमएनओ ने नजीब का 50 मिलियन रिंगिट का जुर्माना चुकाने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही
मलेशिया की पार्टी यूएमएनओ ने 6 नवंबर को कहा कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को मिले सशर्त क्षमादान के तहत आवश्यक 50 मिलियन रिंगिट का जुर्माना भरने की प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। महासचिव अशरफ वाजदी दुसुकी ने कहा कि नजीब रजाक एकजुटता कोष ने धन जुटाने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। अशरफ ने एक बयान में कहा, “यूएमएनओ ने आज सुबह कुआलालंपुर उच्च न्यायालय में भुगतान की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर लीं।” पार्टी ने कहा कि उसने कोष का विशेष खाता आधिकारिक रूप से बंद कर दिया है और अब जनता से आगे धन जुटाने की जरूरत नहीं है। उसने पूरे मलेशिया में पार्टी के सदस्यों और उन लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने 18 सितंबर को कोष खुलने के बाद से योगदान दिया था। यह घोषणा धन जुटाने के अभियान के उस पहले विवरण के बाद आई, जिसे यूएमएनओ ने 4 नवंबर को प्रकाशित किया था। उस विवरण में अशरफ ने कहा था कि प्रतिदिन औसतन 5,000 से 10,000 रिंगिट का योगदान मिल रहा था। उन्होंने जुर्माने की रकम जुटाने के प्रयास में 5 और 10 रिंगिट के योगदान के साथ-साथ महज 1 रिंगिट तक के दान का भी उल्लेख किया था। यूएमएनओ के 4 नवंबर के विवरण के अनुसार, संघीय क्षेत्रों के क्षमादान बोर्ड ने 18 सितंबर को नजीब को सशर्त क्षमादान दिया था, जिसके तहत उन्हें 23 अगस्त 2028 तक अपनी शेष सजा घर में नजरबंद रहकर काटने की अनुमति मिली। 50 मिलियन रिंगिट का जुर्माना चुकाना इसकी शर्तों में शामिल था। 6 नवंबर के बयान में भुगतान की प्रक्रियाएं पूरी होने की घोषणा की गई, लेकिन घर में नजरबंदी के लिए स्थानांतरण की कोई तारीख नहीं दी गई।

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