रमत गन और येरोहाम में वेस्ट नाइल वायरस से संक्रमित मच्छर मिले
पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने रविवार, 8 नवंबर को बताया कि रमत गन और येरोहाम में वेस्ट नाइल वायरस से संक्रमित मादा मच्छर पकड़े गए हैं। यह खोज इन दोनों नगरपालिकाओं में संक्रमित मच्छरों से संबंधित है। मंत्रालयों ने पहले अपनी निगरानी व्यवस्था का जो विवरण दिया था, वह ऐसी खोजों की पृष्ठभूमि स्पष्ट करता है। 1 सितंबर को प्रकाशित संयुक्त बयान में स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण मंत्रालयों ने कहा था कि टीमें पूरे वर्ष मच्छरों के लार्वा की हजारों जांच करती हैं और वयस्क मच्छरों को पकड़ने की सैकड़ों कार्रवाइयां करती हैं। पहचान और परीक्षण के लिए मच्छरों को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। बयान में जून से नवंबर के अंत तक की अवधि को वायरस वाहक मच्छरों की पहचान बढ़ने का सामान्य समय बताया गया था। सितंबर के उस बयान में प्रोफेसर सिगल सदेत्स्की ने कहा था: “मच्छरों की निगरानी से मनुष्यों में बीमारी के निदान से पहले ही वायरस की सक्रियता का पता चल सकता है।” मंत्रालयों ने ऐसी निगरानी व्यवस्था का वर्णन किया था जिसमें मच्छरों, पक्षियों और मनुष्यों की बीमारी संबंधी जानकारी जोड़ी जाती है। इसमें स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और कृषि मंत्रालयों के साथ प्रकृति एवं उद्यान प्राधिकरण शामिल हैं। सितंबर के दिशानिर्देशों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कीटों से जुड़े खतरों को दूर करने की जिम्मेदारी स्थानीय प्राधिकरणों पर रखी गई थी। निवासियों को बर्तनों और अन्य पात्रों में जमा पानी खाली करने, स्वीकृत मच्छर निरोधकों का निर्देशों के अनुसार उपयोग करने और मच्छरों से जुड़े खतरों या सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी की सूचना नगरपालिका हेल्पलाइन 106 पर देने की सलाह दी गई थी। मंत्रालयों ने तब कहा था कि वे बीमारी और मच्छरों की गतिविधि की निगरानी जारी रखेंगे और जरूरत के अनुसार जनता को सूचित करेंगे।

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