गोलान ने धर्म और राज्य पर तेल अवीव का दृष्टिकोण देशभर में लागू करने का वादा किया
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याइर गोलान ने 27 अक्टूबर को धर्म और राज्य के संबंधों पर तेल अवीव का दृष्टिकोण पूरे इज़राइल में लागू करने का वादा किया और रोन हुल्दाई तथा उनके शहर को अपना उदाहरण बताया। चुनाव प्रचार के एक बयान में उन्होंने सामाजिक एकजुटता बहाल करने का भी वादा किया और मतदाताओं से द डेमोक्रेट्स की एमेत मतपत्र पर्ची चुनने की अपील की। गोलान ने “धर्म की स्वतंत्रता और धर्म से मुक्त रहने की स्वतंत्रता” की मांग की। उनका बयान एक राजनीतिक वादा था, कोई लागू किया गया बदलाव नहीं। यह द डेमोक्रेट्स के सितंबर 2025 के नीति दस्तावेज़ के अनुरूप था, जिसमें धार्मिक आचरण और धार्मिक अनिवार्यताओं से मुक्त रहने की स्वतंत्रता, दोनों की रक्षा करते हुए धर्म और राज्य के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की बात कही गई है। उस पहले के नीति दस्तावेज़ में धर्मनिरपेक्ष और मिश्रित क्षेत्रों में शब्बात पर सीमित सार्वजनिक परिवहन का प्रस्ताव है, जिसकी सेवाओं का दायरा स्थानीय निकाय तय करेंगे। इसमें धार्मिक क्षेत्रों में शब्बात के स्वरूप की रक्षा करने की भी बात है। इस तरह प्रस्ताव अलग-अलग समुदायों में अंतर करते हैं और परिवहन सेवाओं के दायरे का निर्णय संबंधित स्थानीय निकाय को सौंपते हैं। सितंबर 2025 के दस्तावेज़ में रब्बी व्यवस्था के समानांतर नागरिक विवाह का भी प्रस्ताव है। इस रास्ते से विवाह करने वाले दंपतियों के लिए नागरिक तलाक की व्यवस्था होगी। इसमें स्पष्ट रूप से उन लोगों के लिए मुख्य रब्बी कार्यालय की विवाह सेवाएं बरकरार रखी गई हैं, जो उन्हें चाहते हैं। अपने सिद्धांतों के वक्तव्य में पार्टी इज़राइल को यहूदी और लोकतांत्रिक बताती है, स्वतंत्रता की घोषणा और यहूदी परंपरा का उल्लेख करती है तथा यहूदी और गैर-यहूदी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता और समान अधिकारों का आह्वान करती है।
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