जस्ट के अनुसार, चुनौती दी गई कार्ड भुगतान वापसी मांगों में करीब एक चौथाई सेवा संबंधी शिकायतों से जुड़ी
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तेल अवीव में कार्यालय वाली भुगतान वापसी प्रबंधन कंपनी जस्ट ने 27 अक्टूबर को एक अध्ययन जारी किया, जिसमें कार्ड भुगतान पर विवाद उठाने के लिए ग्राहकों की ओर से बताए जाने वाले कारणों में बदलाव सामने आया। उसके आंकड़ों में, उत्पाद नहीं मिलने या आवर्ती भुगतान रद्द होने के कारणों के तहत दर्ज विवादों की संयुक्त हिस्सेदारी 2026 की दूसरी तिमाही में चुनौती दी गई भुगतान वापसी मांगों में 24.1% रही, जबकि एक साल पहले यह 13.0% थी। कंपनी की मानक तुलना रिपोर्ट जुलाई 2024 से जून 2026 तक उसके मंच के जरिए सात उद्योगों में संसाधित लाखों ऐसी भुगतान वापसी मांगों पर आधारित है, जिन्हें चुनौती दी गई थी। धोखाधड़ी के तहत दर्ज मामलों की हिस्सेदारी 2025 की दूसरी तिमाही के 74.6% से घटकर 2026 की इसी तिमाही में 60.4% हो गई। ये आंकड़े विभिन्न प्रकार के विवादों की हिस्सेदारी बताते हैं; इनसे धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की कुल संख्या में कमी साबित नहीं होती। जस्ट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओफिर ताहोर ने कहा: “एक दशक से अधिक समय तक भुगतान वापसी की रणनीति असल में धोखाधड़ी से निपटने की रणनीति थी।” कंपनी इस बदलती हिस्सेदारी को इस बात का संकेत मानती है कि ग्राहक सेवा संबंधी शिकायतों का समाधान पाने के लिए भुगतान विवादों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। वृद्धि और विभिन्न प्रकार के मामलों की हिस्सेदारी की तुलना के लिए उसने 165 व्यापारियों के एक निश्चित समूह का इस्तेमाल किया। व्यापारियों की चुनौती दी गई भुगतान वापसी मांगों की संख्या में सालाना वृद्धि का माध्यिका मान 13% था। ये निष्कर्ष दुनिया भर के सात उद्योगों में जस्ट के अपने मंच के जरिए संसाधित उन विवादों से संबंधित हैं, जिन्हें चुनौती दी गई थी; ये पूरे बाजार में कार्ड भुगतान पर उठे सभी विवादों की गिनती नहीं हैं। 2020 में स्थापित कंपनी के न्यूयॉर्क और लंदन में भी कार्यालय हैं। उसने कहा कि वह 9–10 नवंबर को ऑनलाइन आयोजित चार्जबैकएक्स सम्मेलन में ये निष्कर्ष पेश करेगी।
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