यालोन ने चुनाव के दिन नेतन्याहू की चेतावनियों की आलोचना की, मतदाताओं से मतदान की अपील
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पूर्व रक्षा मंत्री और इज़राइल रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख मोशे यालोन ने 27 अक्टूबर को चुनाव के दिन जारी एक बयान में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की आलोचना की। उन्होंने नेतन्याहू पर सुरक्षा तनाव और मतदान के संचालन को लेकर चेतावनियां फैलाने का आरोप लगाया। उस दोपहर प्रकाशित एक पोस्ट में यालोन ने इज़राइल के भविष्य को लेकर चिंतित लोगों से मतदान करने और सरकार बदलने की अपील की। यालोन ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने ईरान तथा यहूदिया और सामरिया से जुड़े तनाव को भड़काने की कोशिश की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री पर अरब मतदाताओं की भागीदारी संबंधी संदेशों और चुनाव चोरी हो सकने के दावों का फिर सहारा लेने का भी आरोप लगाया। ये आरोप यालोन के राजनीतिक दावे थे; इनसे यह साबित नहीं हुआ कि नेतन्याहू ने सुरक्षा घटनाक्रम में हेरफेर किया था या कोई चुनावी धांधली हुई थी। अपने बयान में यालोन ने कहा: “उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध भड़काने की कोशिश की।” उनकी अपील में नेतन्याहू के आचरण की आलोचना के साथ चुनाव में भाग लेने का आह्वान शामिल था। यह मतदान के दौरान दिया गया बयान था, चुनाव परिणाम की रिपोर्ट नहीं। इससे पहले 27 अक्टूबर को नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर लिकुड समर्थकों से मतदान करने की अपील की थी। 11:59 पर उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी दलों की मतदान पर्चियों को खराब किया जा रहा है और मतदाताओं से जांच करने को कहा कि उनकी पर्चियां सही-सलामत हों और उन पर कोई निशान न हो। 12:58 पर उन्होंने दावा किया कि अरब मतदाताओं की भागीदारी असामान्य रूप से अधिक है और दक्षिणपंथी मतदाताओं का मतदान कम है। ये नेतन्याहू के अपने दावे और पहले की अपीलें थीं, यालोन की बाद की पोस्ट पर प्रतिक्रिया नहीं।
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