अक्टूबर परिषद ने नई कनेसेट से बिना देरी राजकीय जांच आयोग बनाने का आग्रह किया
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अक्टूबर परिषद ने पार्टी नेताओं और आने वाली कनेसेट के सदस्यों से 7 अक्टूबर के नरसंहार की जांच के लिए राजकीय जांच आयोग स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताने को कहा। पीड़ित परिवारों के संगठन ने 27 अक्टूबर को इज़राइल के चुनावी एग्जिट पोल आने के बाद यह अपील की और ऐसे आयोग को समर्थन देने का वादा कर चुके नेताओं से मिलकर कार्रवाई करने को कहा। परिषद ने कहा कि संसद की उभरती तस्वीर में 70 सदस्यों का बहुमत राजकीय जांच के पक्ष में दिखाई दे रहा है। यह आंकड़ा एग्जिट पोल के बाद संगठन का आकलन था, प्रमाणित चुनाव परिणाम नहीं। उसने मतदान को सच और जिम्मेदारी से जुड़ा चुनाव बताया तथा चुनावी नतीजे को नरसंहार की जांच की अपनी मांग से जोड़ा। संगठन ने राजकीय आयोग के समर्थकों से नई कनेसेट की बैठक शुरू होने से पहले साझा प्रतिबद्धता जताने को कहा। उसने मांग की कि संसद के पहले ही दिन आयोग स्थापित करने का काम शुरू हो, “बिना देरी और बिना शर्तों के।” अपील पार्टी नेताओं और उन सांसदों, दोनों को संबोधित थी, जो जांच के इस स्वरूप के लिए पहले ही प्रतिबद्धता जता चुके थे। अपने धन जुटाने के अभियान में परिषद पीड़ित परिवारों के लिए सच, जवाबदेही और न्याय की खातिर लगातार सार्वजनिक तथा कानूनी प्रयास का वर्णन करती है। उसका कहना है कि इसमें कनेसेट, अदालतों, मीडिया और सार्वजनिक प्रदर्शनों में गतिविधियां शामिल हैं। चुनाव की रात जारी बयान उसी अभियान की मांग को आने वाली संसद के सामने रखता है।
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