खबरों के अनुसार अब्बास को रा'अम समर्थित अल्पमत सरकार बनने की बहुत कम संभावना दिखती है
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खबरों के अनुसार रा'अम के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को पार्टी के एक आंतरिक परामर्श में कहा कि उनकी पार्टी के समर्थन से अल्पमत सरकार बनने की संभावना बहुत कम है। यह आकलन संसदीय समर्थन के आधार पर सरकार बनाने के प्रस्तावित रास्ते से संबंधित था, न कि किसी घोषित समझौते या इस बारे में हो चुके फैसले से कि सरकार कौन बनाएगा। खबरों के अनुसार अब्बास ने ऐसी सरकार की संभावना को ‘बहुत कम से लगभग न के बराबर’ बताया। उनकी टिप्पणी उसी शाम सामने आई, जबकि दिन में पहले अब्बास और द डेमोक्रेट्स के नेता याइर गोलान के बीच बातचीत हुई थी। इस आकलन में रा'अम की ओर से किसी सरकार को बाहर से समर्थन देने की हर संभावना को खारिज करने की कोई स्पष्ट घोषणा शामिल नहीं थी। गोलान और अब्बास की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों ने साझेदारी बनाने और सरकार गठन की संभावनाओं को तलाशने पर चर्चा की। खबरों के अनुसार अब्बास से मुलाकात के बाद गोलान ने याइर लापिड और गादी आइज़नकोट से भी अलग-अलग मुलाकात की। ये संपर्क रा'अम के उस आंतरिक परामर्श से अलग थे, जिसमें अब्बास का आकलन सामने आया था। चर्चा में शामिल अल्पमत सरकार के विकल्प में आइज़नकोट के नेतृत्व वाली ऐसी सरकार की परिकल्पना थी, जिसे रा'अम बाहर से समर्थन दे और जॉइंट लिस्ट (हदाश-ता'अल-बलद) मतदान से दूर रहे। उस समय की खबरों में नेतन्याहू के गुट की 53 सीटें, विरोधी गुट की 48, रा'अम की 8 और जॉइंट लिस्ट (हदाश-ता'अल-बलद) की 11 सीटें बताई गई थीं। इस प्रस्ताव पर चर्चा में यही संसदीय आंकड़े दिए गए थे।
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