बाराक ने कहा, गठबंधन वार्ता में विपक्ष को नेतन्याहू को सत्ता से हटाने को प्राथमिकता देनी चाहिए
पूर्व प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री एहुद बाराक ने कहा कि जब बिन्यामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाने का लक्ष्य अन्य प्रतिबद्धताओं से टकराए, तो विपक्ष को इस लक्ष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। 2 नवंबर की सुबह गिदोन ओको और अमीखाई अताली को दिए साक्षात्कार में उन्होंने वैकल्पिक गठबंधन बनाने की शर्तों पर लचीला रुख अपनाने की वकालत की। बाराक ने कहा, “परिवर्तन खेमे का सबसे महत्वपूर्ण वादा नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है।” उन्होंने इसे परस्पर टकराते वादों के बीच चुनाव का प्रश्न बताया। उनका तर्क था कि यदि किसी प्रतिबद्धता को निभाने से खेमा अपना केंद्रीय उद्देश्य हासिल नहीं कर पाता, तो उस प्रतिबद्धता को प्राथमिकता नहीं मिलनी चाहिए। बाराक ने हरेदी समुदाय की सैन्य सेवा पर भी चर्चा की। उनका आकलन था कि इज़राइली सेना सभी हरेदी रंगरूटों को समायोजित नहीं कर सकती। उन्होंने रोज़गार में एकीकरण और बुनियादी पाठ्यक्रम की पढ़ाई को केंद्रीय मुद्दे बताया। उनकी टिप्पणियां समुदाय के एकीकरण की प्राथमिकताओं पर उनके विचार प्रस्तुत करती थीं; वे किसी नई भर्ती व्यवस्था या भर्ती क्षमता पर सेना के निर्णय की घोषणा नहीं थीं। अरब दलों के समर्थन के प्रति लचीलेपन पर चर्चा करते हुए बाराक ने ऐसे सहयोग पर आपत्तियों को चुनौती देने के लिए मंसूर अब्बास के साथ नेतन्याहू के पहले के संपर्कों का उल्लेख किया। उन्होंने राजनीतिक रुख में एकरूपता संबंधी अपने तर्क को स्पष्ट करने के लिए काल्पनिक नियुक्तियों के उदाहरण भी दिए। ये उदाहरण गठबंधन की शर्तों पर फिर विचार करने की उनकी दलील का हिस्सा थे, न कि नियुक्तियों या बातचीत से तय हुए गठबंधन समझौते की घोषणा।
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