आईआरजीसी का दावा, केश्म के दक्षिण में दो अमेरिकी MQM-170 ड्रोन कब्जे में लिए
ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने 2 नवंबर को कहा कि उसके एयरोस्पेस बल ने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का इस्तेमाल करके केश्म द्वीप के दक्षिण में दो अमेरिकी MQM-170 ड्रोन कब्जे में लिए हैं। कोर ने इन्हें टोही विमान बताया और कहा कि इन्हें मिलाकर उसके दावे के अनुसार कब्जे में लिए गए विमानों की कुल संख्या चार हो गई है। यह बयान ईरान का विवरण है, अमेरिकी विमानों के नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं। आईआरजीसी की जनसंपर्क घोषणा में कहा गया कि यह अभियान कुछ ही क्षण पहले हुआ था। उसने ड्रोन कब्जे में लिए जाने का श्रेय अपने एयरोस्पेस बल की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को दिया। घोषणा में विमानों के क्रमांक, उन्हें संचालित करने वाली किसी अमेरिकी इकाई का नाम या कथित मुठभेड़ के सटीक निर्देशांक नहीं दिए गए। यह घोषणा 29 अक्टूबर को किए गए ईरान के एक पुराने दावे के बाद आई है। उस दावे के साथ जारी वीडियो में अमेरिका में निर्मित MQM-170C आउटलॉ G2 लगभग साबुत दिखाई देता था। अमेरिका मुख्यतः प्रशिक्षण और परीक्षण में आउटलॉ शृंखला के विमानों का इस्तेमाल हवाई लक्ष्यों के रूप में करता है। यह आकलन पुराने वीडियो में दिखे विमान से संबंधित था और इससे 2 नवंबर के दावे में शामिल दोनों विमानों की पहचान या उनके मिशन की पुष्टि नहीं होती। 29 अक्टूबर को जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता, नौसेना कैप्टन टिम हॉकिन्स से पूछा गया कि क्या कमांड एक MQM-170 के खोने की पुष्टि या खंडन कर सकती है, तो उन्होंने जवाब दिया: “हम अपना समय बर्बाद नहीं करने वाले।” उन्होंने आईआरजीसी पर बार-बार झूठ बोलने का आरोप लगाया और उस पहले कथित नुकसान की स्पष्ट पुष्टि या खंडन नहीं किया। उनकी टिप्पणियां 29 अक्टूबर के दावे से संबंधित थीं; वे नई घोषणा पर प्रतिक्रिया नहीं थीं।
स्रोत

टिप्पणियाँ
टिप्पणियां लोड हो रही हैं…