अमेरिकी मतदान के बाद पेत्रो ने दो-राज्य वार्ता और फ़लस्तीनी एकता का आह्वान किया
कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने 5 नवंबर को आह्वान किया कि डेमोक्रेटों के पक्ष में आए अमेरिकी चुनाव परिणाम का इस्तेमाल मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त कराने और इज़राइली-फ़लस्तीनी शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने में मदद के लिए किया जाए। स्पेनिश भाषा में लिखी एक पोस्ट में उन्होंने “दो संप्रभु और स्वतंत्र राज्यों” पर आधारित समाधान की वकालत की। पेत्रो ने इज़राइलियों से प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार से दूरी बनाने की अपील भी की। उन्होंने फ़लस्तीनियों से ऐसी एकता सरकार बनाने का आह्वान किया, जो स्थायी शांति और संप्रभुता के लिए बातचीत करने को तैयार हो। उनके बयान में राजनीतिक प्रस्ताव दिए गए, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते या बातचीत की समयसारणी की घोषणा नहीं की गई। कोलंबिया की मौजूदा सरकार ने 14 अक्टूबर को इज़राइल के प्रति अपनी नीति स्पष्ट की थी। यरूशलम में कोलंबिया के दूतावास के उद्घाटन पर विदेश मंत्री ओमार बुला ने कहा था कि उनके देश ने इज़राइल के साथ संबंध बहाल कर लिए हैं और हेग समूह से हटने का औपचारिक अनुरोध किया है। नेतन्याहू और विदेश मंत्री गिदोन सार को संबोधित करते हुए बुला ने आतंकवाद और 7 अक्टूबर के हमलों की निंदा की। उन्होंने 70 वर्षों से अधिक पुराने संबंधों का उल्लेख किया और कहा कि कोलंबिया का विदेश मंत्रालय अन्य मंत्रालयों और कोलंबियाई यहूदी सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर यहूदी-विरोध के खिलाफ काम करेगा। बुला ने इस नीति को राष्ट्रपति दे ला एस्प्रिएया के प्रशासन की नीति बताया।



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