मंडेलब्लिट ने कहा, नेतन्याहू के मामलों में फैसले दबाव में नहीं लिए गए
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पूर्व अटॉर्नी जनरल अवीखाई मंडेलब्लिट ने 12 अक्टूबर को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुकदमे में अपनी गवाही के दूसरे दिन कहा कि इन मामलों में उनका कोई भी फैसला दबाव का परिणाम नहीं था। बचाव पक्ष के वकील अमित हदद के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पेशेवर विवेक के अनुसार काम किया और कानून लागू करने वाली एजेंसियां जांच शुरू करने पर अपनी राय व्यक्त कर सकती थीं। हदद ने श्लोमो फिल्बर के साथ संपर्कों से संबंधित एक दस्तावेज भी पेश किया। फिल्बर संचार मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक हैं, जो मामला 4000 में सरकारी गवाह बने थे। मंडेलब्लिट ने कहा कि दस्तावेज में वर्णित संवाद किसी व्यक्ति को सरकारी गवाह बनाने के लिए की जा रही वार्ता जैसा लगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने उस वार्ता की अनुमति दी थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि नहीं।
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