ग़ालिबाफ़ ने कहा, ईरान ने अमेरिका को जवाब दे दिया है; अप्रत्याशित प्रतिक्रिया की चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ़ ने 3 नवंबर को कहा कि तेहरान ने अमेरिका को अपना जवाब दे दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की एक और गलत गणना से एक अलग तरह का सैन्य टकराव हो सकता है। उन्होंने संसद की कार्यसूची पर चर्चा शुरू होने से पहले दिए गए संबोधन में यह बात कही, जिसे उनके कार्यालय ने मंगलवार सुबह प्रकाशित किया। ग़ालिबाफ़ ने ईरान के जवाब को दृढ़ और तर्कसंगत बताया तथा युद्ध रोकने की ज़िम्मेदारी वॉशिंगटन पर डाली। उन्होंने कहा, “युद्ध रोकने के लिए अब गेंद अमेरिका के पाले में है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लड़ाई के लिए तैयार है और दावा किया कि उसकी रक्षा संबंधी तैयारी अपने उच्चतम स्तर पर है। प्रकाशित अंशों में जवाब का पाठ, उसे सौंपे जाने का समय या आगे की वार्ता की तारीख नहीं बताई गई। इसी संबोधन के एक अलग अंश में ग़ालिबाफ़ ने इज़राइल और अमेरिका का एक साथ नाम लिया और फिर चेतावनी दी कि दुश्मन की गलत गणना पर ईरान की सैन्य और रणनीतिक प्रतिक्रिया अप्रत्याशित होगी तथा भौगोलिक सीमाओं से बंधी नहीं रहेगी। उनका कहना था कि सैन्य धमकियाँ ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगी। उन्होंने इज़राइल में किसी विशिष्ट लक्ष्य का नाम नहीं बताया और न ही किसी हमले की घोषणा की। परमाणु मुद्दे पर इज़राइल की घोषित शर्तें इस मामले की एक अलग, पहले की पृष्ठभूमि हैं। प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने 24 मई को कहा था कि अंतिम समझौते में ईरान की परमाणु संवर्धन सुविधाओं को खत्म करना और संवर्धित परमाणु सामग्री को ईरानी क्षेत्र से बाहर निकालना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए। यह बयान ग़ालिबाफ़ के 3 नवंबर के संबोधन से पहले दिया गया था।
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