ट्रंप: वार्ता आगे बढ़े तो ईरान पर नए हमलों की संभावना कम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 नवंबर को कहा कि वार्ता में प्रगति होने पर ईरान पर अमेरिकी हमलों का नया दौर शुरू होने की संभावना कम है। 20 मिनट के टेलीफोन साक्षात्कार में उन्होंने इस आकलन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर चल रही वार्ता से जोड़ा। साथ ही उन्होंने समझौता न हो पाने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखा। ट्रंप ने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे बहुत मजबूत समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं या नहीं।” उन्होंने बार-बार यह राय व्यक्त की कि आगे हमलों की शायद जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेनाएं कार्रवाई के लिए तैयार हैं और दावा किया कि क्षेत्र में तीन विमानवाहक पोत मौजूद हैं, जिनमें से एक हाल में पहुंचा है। ट्रंप ने ईरानी बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने 38 पुलों की पहचान की है, जिन्हें एक घंटे के भीतर नष्ट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस विनाश से बचना पसंद करेंगे, क्योंकि पुनर्निर्माण में 10 साल लग सकते हैं। लक्ष्यों की संख्या, तैयारियों के दावे और पुनर्निर्माण के समय का अनुमान उनके अपने आकलन थे। यह साक्षात्कार ट्रंप की 7 नवंबर की टिप्पणियों के बाद हुआ, जिनमें उन्होंने ईरान के साथ टकराव को युद्ध के बजाय संभावित कब्जे की स्थिति बताया था। उन पहले के बयानों में उन्होंने क़ेश्म द्वीप पर ईरान के एक विमान-रोधी प्रतिष्ठान पर छोटे अमेरिकी हमले का वर्णन किया था। 8 नवंबर को उन्होंने फिर वार्ता और नए सिरे से बल प्रयोग की संभावना को साथ रखा तथा आगे हमलों से बचने की अपनी प्राथमिकता को मजबूत समझौते की शर्त से जोड़ा।

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